काशी–सारनाथ–अयोध्या
तीन दिन में घाट की भोर, बौद्ध स्तूप और सरयू की शाम।
परिणाम: श्रद्धा और शांति का सधा हुआ सफ़र।
तीर्थ, इतिहास और ठहराव — तीन अलग मिज़ाज के लिए सधे हुए सफ़र, जिन्हें हम दिल से जानते हैं।
तीन दिन में घाट की भोर, बौद्ध स्तूप और सरयू की शाम।
परिणाम: श्रद्धा और शांति का सधा हुआ सफ़र।
लखनऊ की इमारतें, चिकनकारी की गलियाँ और नवाबी रसोई।
परिणाम: स्वाद और इतिहास एक साथ।
होमस्टे, खेतों की सैर और चूल्हे का खाना।
परिणाम: शहर से सचमुच की छुट्टी।
झाँसी, ओरछा और खजुराहो का क्रम।
परिणाम: वीरता और शिल्प की कहानियाँ।
काशी–अयोध्या मार्ग, जिसमें दर्शन के समय भीड़ से बचाव का ध्यान रखा जाता है।
अवध और बुंदेलखंड, जहाँ हर मोड़ पर कुछ दर्ज करने लायक मिलता है।
गाँव का मार्ग, जहाँ सुबह मुर्गे की बाँग और रात तारों की चादर मिलती है।
बताइए, हम आपकी तारीख़ों के हिसाब से सही मार्ग सुझाएँगे।